संपादकीय दिशानिर्देश
Advances in Educational Studies and Inclusive Practices (AESIP) उच्चतम संपादकीय अखंडता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और विद्वतापूर्ण उत्कृष्टता के मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जर्नल विद्वतापूर्ण प्रकाशन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करता है और Committee on Publication Ethics (COPE) के नैतिक सिद्धांतों और मूल प्रथाओं के अनुरूप कार्य करता है।
ये संपादकीय नीतियां जर्नल के संपादकीय प्रबंधन को संचालित करने वाली भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को परिभाषित करती हैं तथा प्रकाशन प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं।
1. संपादकीय शासन और संरचना (Editorial Governance and Structure)
जर्नल एक पारदर्शी संपादकीय संरचना के अंतर्गत संचालित होता है, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता, नैतिक प्रकाशन मानकों और प्रभावी पांडुलिपि प्रबंधन को बनाए रखना है।
प्रधान संपादक (Editor-in-Chief)
प्रधान संपादक जर्नल की विद्वतापूर्ण गुणवत्ता, संपादकीय अखंडता और रणनीतिक दिशा के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होते हैं। प्रधान संपादक सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करते हैं, प्रकाशन नैतिकता के अनुपालन को सुनिश्चित करते हैं और पांडुलिपियों की स्वीकृति या अस्वीकृति के संबंध में अंतिम निर्णय लेते हैं।
उप-प्रधान संपादक (Deputy Editor-in-Chief)
उप-प्रधान संपादक संपादकीय कार्यों के प्रबंधन, पांडुलिपि प्रक्रिया के समन्वय, संपादकीय निर्णयों में एकरूपता बनाए रखने और समग्र संपादकीय कार्यप्रवाह को सुचारु रूप से संचालित करने में प्रधान संपादक की सहायता करते हैं।
संपादक (Editors)
संपादक अपने-अपने विशेषज्ञता क्षेत्रों के अंतर्गत प्राप्त पांडुलिपियों का प्रबंधन करते हैं। वे प्रारंभिक संपादकीय मूल्यांकन करते हैं, सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करते हैं, समीक्षकों की रिपोर्ट का मूल्यांकन करते हैं और संपादकीय निर्णयों के लिए प्रधान संपादक को अपनी अनुशंसाएं प्रदान करते हैं।
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बाहरी समीक्षक (External Reviewers)
बाहरी समीक्षक स्वतंत्र विषय विशेषज्ञ होते हैं जो डबल-ब्लाइंड पीयर रिव्यू प्रक्रिया के माध्यम से प्रस्तुत पांडुलिपियों का मूल्यांकन करते हैं। उनका निष्पक्ष, गोपनीय और रचनात्मक मूल्यांकन जर्नल को उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने में सहायता करता है।
2. संपादकीय स्वतंत्रता और अखंडता (Editorial Independence and Integrity)
संपादकीय निर्णय केवल प्रस्तुत पांडुलिपियों की शैक्षणिक गुणवत्ता के आधार पर लिए जाते हैं, जिसमें मौलिकता, शोध पद्धति की मजबूती, नैतिक अनुपालन, महत्व, प्रस्तुति की स्पष्टता और जर्नल के उद्देश्यों एवं दायरे से संबंधितता शामिल है।
संपादकीय टीम प्रकाशक, प्रायोजकों, वित्त पोषण संस्थाओं या व्यावसायिक हितों से स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। संपादकीय निर्णय किसी भी बाहरी प्रभाव या राष्ट्रीयता, संस्थागत संबद्धता, लिंग, जातीयता, धर्म, राजनीतिक विचारधारा या अन्य गैर-शैक्षणिक आधारों पर भेदभाव से मुक्त होते हैं।
जब संपादकीय बोर्ड के सदस्य स्वयं जर्नल में पांडुलिपि प्रस्तुत करते हैं, तो निष्पक्ष, स्वतंत्र और गोपनीय समीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उन पांडुलिपियों का प्रबंधन एक स्वतंत्र संपादक द्वारा किया जाता है।
3. गोपनीयता (Confidentiality)
संपादकों और समीक्षकों को संपादकीय एवं सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया के दौरान सभी प्रस्तुत पांडुलिपियों और संबंधित पत्राचार को गोपनीय दस्तावेज के रूप में रखना आवश्यक है।
पांडुलिपि मूल्यांकन के माध्यम से प्राप्त अप्रकाशित डेटा, विचारों, शोध विधियों या निष्कर्षों का उपयोग लेखकों की स्पष्ट लिखित अनुमति के बिना व्यक्तिगत शोध, प्रकाशन या व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
4. हितों का टकराव (Conflict of Interest)
संपादकों को किसी भी वास्तविक, संभावित या प्रतीत होने वाले हितों के टकराव का खुलासा करना आवश्यक है, जो उनके संपादकीय निर्णय को प्रभावित कर सकता है।
हितों के टकराव के उदाहरणों में व्यक्तिगत संबंध, संस्थागत संबद्धता, शोध सहयोग, वित्तीय हित या लेखकों के साथ व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा शामिल हो सकती है।
हितों के टकराव वाले संपादकों को संबंधित पांडुलिपि के प्रबंधन से स्वयं को अलग करना होगा। ऐसी पांडुलिपि को निष्पक्ष संपादकीय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए किसी अन्य योग्य संपादक को सौंपा जाएगा।
5. पांडुलिपि मूल्यांकन प्रक्रिया (Manuscript Evaluation Process)
सभी प्रस्तुत पांडुलिपियां निष्पक्षता, पारदर्शिता और शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक संरचित संपादकीय प्रक्रिया का पालन करती हैं।
प्रारंभिक संपादकीय जांच (Initial Editorial Screening)
- जर्नल के उद्देश्यों और दायरे के साथ अनुरूपता।
- मौलिकता और शैक्षणिक महत्व।
- जर्नल की प्रस्तुति और प्रारूप संबंधी आवश्यकताओं का पालन।
- साहित्यिक चोरी (Plagiarism) और शोध अखंडता की जांच।
- सहकर्मी समीक्षा के लिए समग्र उपयुक्तता।
जो पांडुलिपियां इन प्रारंभिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती हैं, उन्हें बाहरी सहकर्मी समीक्षा के बिना अस्वीकार किया जा सकता है (Desk Rejection)।
सहकर्मी समीक्षा (Peer Review)
योग्य पांडुलिपियों की डबल-ब्लाइंड पीयर रिव्यू प्रक्रिया के अंतर्गत समीक्षा की जाती है, जिसमें संबंधित विषय के कम से कम दो स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
संपादकीय निर्णय (Editorial Decision)
प्रधान संपादक समीक्षकों की रिपोर्ट, संपादकीय मूल्यांकन और जहां लागू हो, लेखकों द्वारा समीक्षक टिप्पणियों के उत्तरों को ध्यान में रखते हुए प्रकाशन संबंधी अंतिम निर्णय लेते हैं।
संपादकीय निर्णयों में शामिल हैं:
- स्वीकृत (Accept)
- लघु संशोधनों के साथ स्वीकृत (Accept with Minor Revisions)
- प्रमुख संशोधन आवश्यक (Major Revisions Required)
- अस्वीकृत (Reject)
6. अपील और शिकायतें (Appeals and Complaints)
वे लेखक जो यह मानते हैं कि संपादकीय निर्णय किसी गलतफहमी या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि पर आधारित था, वे प्रमाण सहित औपचारिक अपील प्रस्तुत कर सकते हैं।
अपील, संपादकीय आचरण से संबंधित शिकायतें और प्रकाशन नैतिकता संबंधी चिंताओं का समाधान निष्पक्ष, गोपनीय तरीके से और Committee on Publication Ethics (COPE) द्वारा अनुशंसित प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है।
7. नैतिक निगरानी (Ethical Oversight)
संपादकीय टीम प्रकाशन नैतिकता के संभावित उल्लंघनों की पहचान, जांच और उचित प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदार है, जिनमें शामिल हैं:
- साहित्यिक चोरी (Plagiarism)।
- डेटा का निर्माण (Fabrication) या हेरफेर (Falsification)।
- दोहराव या अनावश्यक प्रकाशन।
- अनुचित लेखकत्व या योगदान का उल्लेख।
- संदर्भों में हेरफेर (Citation Manipulation)।
- हितों के टकराव का खुलासा न करना।
- मानव प्रतिभागियों या पशुओं से संबंधित अनैतिक शोध।
जहां कोई चिंता उत्पन्न होती है, वहां जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत नैतिक मानकों और Committee on Publication Ethics (COPE) की अनुशंसाओं के अनुसार की जाएगी। विद्वतापूर्ण रिकॉर्ड की अखंडता बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सुधार, चिंता की अभिव्यक्ति (Expression of Concern) या लेख वापसी (Retraction) जैसी उचित संपादकीय कार्रवाइयां की जाएंगी।